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Ved Panchang
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আর্তি যুগল কিশোর কি রাধা কৃষ্ণ আর্তি — Lyrics in Hindi & English | Panchang
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আর্তি যুগল কিশোর কি রাধা কৃষ্ণ আর্তি
আর্তি যুগল কিশোর কি রাধা কৃষ্ণ আর্তি
রাধা কৃষ্ণ
দেবনাগরী
লিপ্যন্তর
ইংরেজি অর্থ
आरती युगल किशोर की कीजै । तन मन धन न्योछावर कीजै ॥ गौर श्याम मुख निरखत रीझै । प्रभु को रूप नयन भरी पीजै ॥ कञ्चन थार कपूर की बाती । हरि आये निर्मल भयी छाती ॥ फूलन की सेज फूलन की माला । रत्न सिंहासन बैठे नन्दलाला ॥ मोर मुकुट कर मुरली सोहे । नटवर वेष देख त्रिभुवन मोहे ॥ ओढ़े नील पीत पट सारी । कुञ्जबिहारी गिरिवरधारी ॥ श्री पुरुषोत्तम गिरिधर गोविन्द । दीन हेतु प्रकटे परमानन्द ॥ लोग कहें मैं भक्त हूँ नाहीं । हरि को कहाँ भक्त सम ठाहीं ॥ आरती युगल किशोर की कीजै । तन मन धन न्योछावर कीजै ॥
পূর্ববর্তী
জয় গঙ্গে মাতা গঙ্গে আর্তি
পরবর্তী
আর্তি সাই বাবা
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