सरस्वती
प्रमुख देवी · पवित्र दिवस: Wednesday
सरस्वती ज्ञान, विद्या, संगीत, कला, बुद्धि और वाणी की देवी हैं। वे ब्रह्मा की पत्नी हैं और सभी सृजनात्मक अभिव्यक्ति का स्रोत। ऋग्वेद में उन्हें ज्ञान की पवित्र नदी के रूप में वर्णित किया गया है। श्वेत वस्त्र धारण किए, हंस पर विराजमान, हाथों में वीणा, पुस्तक और माला धारण करती हैं। वसंत पंचमी को विशेष पूजा।
सफेद साड़ी पहनकर सफेद लोटस (या कभी-कभी पवन) पर बैठा हुआ, सफेद या शुद्ध सफेद रंग का। चार हाथों में एक वीना (भारतीय लता), एक किताब (वेदों), एक रोजारी (माला) और एक पानी का बर्तन (कमंडल) था। उनका वहाणा स्वान (हम्सा) है जो सार और उपस्थिति के बीच भेदभाव का प्रतीक है। कभी-कभी एक पवन उसका वैकल्पिक वैहाना होता है।
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः ॥
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना ॥
सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि । विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥