विष्णु
त्रिमूर्ति · पवित्र दिवस: Thursday
विष्णु ब्रह्मांड के पालक और रक्षक — वैष्णव परंपरा के परम देव हैं। जब-जब धर्म की हानि होती है, विष्णु अपने दस प्रमुख अवतारों (दशावतार) में से एक रूप में अवतरित होकर संतुलन स्थापित करते हैं। उनके चार हाथ शंख, चक्र, गदा और पद्म धारण करते हैं। शेषनाग पर क्षीर-सागर में योग-निद्रा में निवास करते हैं।
वर्षा बादल की तरह अंधेरे-नीले रंग का, चार हाथों में शंखा (कोंकड़), चक्र (सुदारशाना डिस्क), गडा (काउमोडाकी नाम का माउस) और पद्मा (लोटस) हैं। कासुतबा रत्न उसके छाती पर है और श्रीवतसा का निशान उसके ऊपर है। पीला रेशम का कपड़ा (पिटमारा) उसका वहाना गरुडा है, आकाश का गरुड़। लक्ष्मी को अक्सर उनके पैरों पर दिखाया जाता है।
ॐ नमो नारायणाय ॥
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥
ॐ विष्णवे नमः ॥